इसे कहते हैं कलयुग, प्रगायराज में शादी की जगह दाह संस्कार की तैयारी - The Task News

कोरोना महामारी का इससे बुरा रूप और क्या होगा कि जहां पहले शादियों का सामान मिलता था अब वहां कफ़न और अर्थी सजाने का सामान मिल रहा है। आपको यह सुनने में जरूर अजीब लगेगा कि शादियों का सामान बेचने वाले अर्थी का सामान क्यों बेचने लगे। हम आपको प्रयागराज की दो दुकानों का हाल दिखाते हैं, जहां पहले दूल्हे को सजाने का सामान मिलता था। लेकिन अब खुशियों के सामान की जगह दुख के सामानों ने ले ली है। अब इन दुकानों पर आपको अर्थी और कफ़न मिलेंगे। दुकानदारों का कहना है कि कोरोना के चलते शादी-ब्याह में भारी कमी आई है। ऐसे में परिवार का पेट पालना मुश्किल हो रहा है। इसलिए मजबूरी में इन दुकानदारों ने अर्थी का सामान बेचना शुरु किया। इनका कहना है कि रोजाना 08 से 10 ग्राहक आकर अर्थी का सामान खरीदते हैं। ऐसे में लॉकडाउन की भरपाई का यही एक तरीका है।