महाराष्ट्र में ऐसे हो रही है कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी, जाने सरकार की नीति - The Task News

कोरोना की पहली लहर ने मुख्‍य रूप से बुजुर्गों को प्रभावित किया. जबकि दूसरी लहर में युवाओं को अपना शिकार बनाया तो ऐसे में तीसरी लहर में बच्‍चों के प्रभावित होने की आशंका है. बच्चों को कोरोना के कहर से बचाने के लिए अभी से तैयारियां जरूरी हैं. महाराष्ट्र कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य रहा है. ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर उद्धव सरकार सतर्क हो गई है.
कोरोना की दूसरी लहर अब कमजोर पड़ती दिख रही है लेकिन तीसरी लहर का खतरा बरकरार है. जिसका शिकार बच्चे हो सकते हैं. बच्चों की सुरक्षा को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. कोरोना वायरस से जंग लड़ रहे भारत में महामारी की तीसरी लहर को लेकर वैज्ञानिकों ने एक अहम चेतावनी जारी की है. बताया गया कि अगर देश में कोरोना वैक्सीनेशन की प्रक्रिया को तेज नहीं किया गया तो 6 से 8 महीनों के भीतर ही कोरोना की तीसरी लहर का सामना करना पड़ सकता है. परेशान करने वाली बात ये है कि तीसरी लहर बच्चों को निशाना बना सकती है. ऐसे में महाराष्ट्र सरकार ने बच्चों को कोरोना के कहर से बचाने के इंतजाम
शुरू कर दिए हैं.

कोरोना की तीसरी लहर के आने का खतरा विशेषज्ञ जता चुके हैं लेकिन ये कब तक आएगी इसे लेकर साफ तौर पर कुछ नहीं कहा गया है. इस बीच दिल्ली और कर्नाटक में कोरोना पीड़ित बच्चों की बढ़ती संख्या तीसरी लहर का संकेत दे रही है. देश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है लेकिन दिल्ली और कर्नाटक से आ रही खबरों से इस बात की आशंका जताई जाने लगी है कि कहीं हम तीसरी लहर के बीच ही तो नहीं खड़े हैं.