कैमूर में सास बहू की एक मौत, इलाज के अभाव में दोनों की मौत से लोगों में आक्रोश - The Task News

कैमूर जिले के दुर्गावती बाजार में एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत हो गई है. बताया जा रहा है कि बहू कोरोना पीडित थी फ़िर ब्लैक फन्गस की शिकार होने के बाद उसकी मौत हो गई। बहू के मौत के दस दिन बाद सास की भी कोरोना से हुई मौत। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़। मृतिका बहू के दो बेटे और दो बेटी है जिसमें बड़ी बेटी का शादी कर चुके हैं बाकी सभी नाबालिग हैं।

बक्सर संसदीय क्षेत्र के अश्वनी चौबे जी का इलाका रहते हुए भी ब्लैक फंगस और कोरोना के मरीजों का जिले में इलाज नहीं हो सका। लिहाजा परिजन अस्पतालों के चक्कर काटते रहे। पत्नी और मां का तबीयत खराब होने पर घरवालों ने दुर्गावती के निजी क्लीनिक में 9 मई को इलाज के लिए भर्ती कराया था जहां 2 दिन इलाज चलने के बाद 11 मई को सदर अस्पताल भभुआ के लिए रेफर कर दिया गया जहां मेरी मां और पत्नी का कोरोनावायरस पॉजिटिव आया और ऑक्सीजन पर दोनों को रखकर इलाज किया जाने लगा इलाज के दौरान है पत्नी को आंख बाहर की तरफ आने लगा तो 16 मई को चिकित्सकों को मैंने सूचित किया स्थिति खराब होने के बाद परिजनों को सदर अस्पताल भभुआ के चिकित्सकों ने बाहर ले जाने की सलाह दी। परिजन उत्तर प्रदेश नजदीक होने के वजह से बनारस लेकर चले गए । बनारस इलाज कराने के दौरान बीएचयू में 18 मई को पत्नी की मौत हो गई। पत्नी का अन्तिम सन्सकार कर क्रिया कर्म में लगे थे तभी पत्नी के दसवां के दिन 28 मई को मां भी गुजर गई जो कोरोना पॉजिटिव थी और उनका इलाज भी बनारस में ही चल रहा था। हम लोगों के पास सरकार का कोई भी कर्मचारी या कोई भी अधिकारी अब तक नहीं मिलने आया कि हम लोग कैसे हैं और हम लोग को कोई राहत नहीं मिला। हम लोगों को जो भी कागजात मिला था मौत के बाद हम लोग सरकारी अस्पताल में ले जाकर दिखा दिए थे और जमा कर दी लेकिन अब तक हम लोगों को किसी भी प्रकार का कोई सुविधा नहीं उपलब्ध हुआ।

वहीं दुर्गावती प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ मांझी बताते हैं जहां भी पॉजिटिव मरीज मिलते हैं उस इलाके में हम लोग और लोगों की जांच कराते हैं। जांच किया भी गया होगा परिजन अभी तक हमें नहीं मिले हैं और ना ही कोई कागजात दिए हैं यहां पर । अगर इस तरह का किसी परिवार में कोविड से मौत हुई है तो मेरी जानकारी में नहीं।