हवा के जरिए कोरोना संक्रमण फैलने की क्या है सच्चाई, क्या कहते हैं विशेषज्ञ - The Task News

कोरोना का संक्रमण हवा के जरिए भी होता है. इसकी आंशका पहले भी थी लेकिन अब केंद्र सरकार ने लोगों को आगाह किया गया है कि संक्रमण हवा में 10 मीटर तक जा सकता है. इससे बचाव के लिए नई एडवाइजरी जारी की गई है. सरकार ने मान लिया है कि कोरोना हवा से भी फैल सकता है और इसकी वजह एयरोसोल और ड्रॉपलेट्स को माना गया है. लिहाजा सरकार ने कोविड को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

कोरोना से संक्रमित व्यक्ति के ड्रॉपलेट्स हवा में 2 मीटर तक जा सकते हैं. जबकि एयरोसोल उन ड्रॉपलेट्स को 10 मीटर तक आगे बढ़ा सकता है. जिससे संक्रमण का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है. कोविड की नई गाइडलाइन के मुताबिक जहां तक संभव हो घर के दरवाजे और खिड़कियां खोले रखें. एग्जॉस्ट सिस्टम का इस्तेमाल जरूर करें. दफ्तर में अगर एसी चले तब भी दरवाजे- खिड़कियां खुले रखें.

जानकारों की मानें तो वेंटिलेशन वाले जगहों पर और आउटडोर जगहों पर संक्रमण के फैलने का खतरा कम रहता है।यानी संक्रमित व्यक्ति के सांस छोड़ने, बोलने, गाने, हंसने, खांसने और छींकने से लार और नाक से निकलने वाले ड्रॉपलेट्स से वायरस फैलता है. इसलिए द टास्क न्यूज आपसे अपील करता है कि संक्रमण की इस चेन को तोड़ने के लिए कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन करें। मास्क पहनें, सुरक्षित शारीरिक दूरी बनाएं और हाथ धोते रहें