वीरेंद्र सहवान की अनसुनी कहानियां, जब जिंदगी ने क्रिकेट खिलने से मना कर दिया था - The Task News

क्रिकेट के इतिहास में कई महान खिलाड़ी हुए है। टीम इंडिया की बात करें तो सुनील गावस्कर, कपिल देव, सचिन तेंदुलकर और गांगुली जैसे कई बड़े खिलाड़ी है। लेकिन एक नाम ऐसा है जिसकी भारतीय क्रिकेट टीम के फैन्स को आज सबसे ज्यादा कमी महसूस होती है। वो कोई और नहीं बल्कि इंडिया के पूर्व ओपनर धाकड़ बल्लेबाज़ वीरेंदर सहवाग है। क्रिकेट जगत के दिग्गज बल्लेबाजों में शूमार वीरेंद्र सहवाग का नाम शुमार होता है। सहवाग का जन्म 20 अक्टूबर 1978 को दिल्ली के नजफगढ़ में हुआ था।

वीरेंदर सहवाग क्रिकेट जगत का वो नाम है जिसको शायद ही कभी भुलाया जा सकता है। अपनी धाकड़ बल्लेबाज़ी से दुनियाभर के गेंदबाज़ों में सहवाग का खौफ देखने को मिलता था। वीरू नाम से मशहूर सहवाग ने वनडे और टेस्ट क्रिकेट में ओपिनिंग की परिभाषा ही बदल के रख दी। ऑफ़ साइड में उनके शॉट की झलकियां देखने को फैन्स बेताब रहते थे। टीम इंडिया को सहवाग ने कई बड़े खिताब दिलाए है।

वीरेंद्र सहवाग ने अपने करियर में 104 टेस्ट में करीब 50 की शानदार औसत के साथ 8586 रन बनाए। वहीं उनके वनडे करियर की बात करें तो 251 मैचों में करीब 35 की औसत से 8273 रन बनाए। सहवाग ने अपने करियर में कुल 38 शतक भी बनाए थे। सहवाग जब मैदान पर बल्लेबाज़ी करने उतरते तो पहली गेंद से चौक्कों की झड़ी लगा देते थे।

वीरेंद्र सहवाग से जुड़े वैसे तो कई किस्से हैं लेकिन जब वो 12 साल के थे तक एक मैच में बल्लेबाज़ी करते समय गेंद उनके दांतों पर जाकर लगी और उनका दांत टूट गया था। इस घटना के बाद उनके पिता ने उनको क्रिकेट खेलने से मना कर दिया। लेकिन सहवाग ने कुछ बड़ा करने की ठान रखी तो वो कहां रूकने वाले थे। वीरू ने अपनी मां को मनाकर वापस क्रिकेट खेलना शुरू किया। और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

 

वीरेंद्र सहवाग के करियर की बड़ी उपलब्धियां इस प्रकार हैं:

  1. टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर
  2. टेस्ट में दो तिहरे शतक लगाने वाले भारतीय (309 पाकिस्तान और 319 दक्षिण अफ्रीका)
  3. तीसरा तिहरा शतक बनाने से 7 रन से चूक गए
  4. छक्के के साथ तिहरे शतक तक पहुंचने वाले पहले खिलाड़ी
  5. करियर के पहले टेस्ट मैच में ही शतक जमाया
  6. भारत के पहले टी20 कप्तान
  7. विजडन लीडिंग क्रिकेटर ऑफ द ईयर 2009
  8. आईसीसी टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर 2010