गिलोय को क्यों कहते हैं अमृत, कैसे जिंदगी बचाने में मदद करता है गिलोय - The Task News

जब से कोरोना का कहर भारत में बरसा है तब से एक नाम काफी चर्चित में है जी हां हम बात कर रहे है औषधियों गुणों से भरपूर गिलोय की । इसे  गुणों का भण्डार कहा जाता है क्योंकि आयुर्वेद में 100 में से 90 औषधियों में गिलोय का इस्तेमाल किया जाता हैं।  कई ऐसे लोग होंगे जिन्हे कोरोना काल से पहले गिलोय के बारे में नहीं पता होगा परंतु जब से कोरोना महामारी फैली है तब से गिलोय का सेवन करना आम बात हो चुकी है. अब तो हर घर में गिलोय का इस्तेमाल किसी ना किसी रूप में किया जा रहा है. क्योंकि ये अमृत के समान गुणवान होता है इसलिए गिलोय को अमृता के नाम से भी जाना जाता है । आय दिन कोरोना से मरने वालों की संख्या सामने आती है । इस कोरोना काल ने कई लोगों की जिंदगियां छीन ली है । हालांकि अब कोरोना से लड़ने के लिए वैक्सीन भी आ चुकी है । लेकिन ये देखा जा रहा है कि वैक्सीन लगवाने के बाद भी कुछ लोगों को कोरोना अपने चपेट में ले रहा है।

अब ऐसी स्थिति में आयुर्वेदिक जड़ी बुटी गिलोय पर भरोसा किया जा रहा है । गिलोय एक ऐसी जड़ी बुटी है जिसके सेवन से इंसान की प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होता है और  आयुर्वेद के अनुसार इसके प्रतिदिन सेवन से कोरोना की चपेट में आने से बचा जा सकता हैं। गिलोय की पत्तियों में  फोस्फोरोस,कैल्शियम, प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो  इंसान की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर है.

वैसे तो गिलोय के सेवन से कई फायदे है जैसे ये पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, स्किन एलर्जिक से बचाव करता है, खून साफ करता है, डायबिटीज को दूर करने में भी गिलोय  सहायक हैं, सर्दी-जुखाम, मानसिक तनाव, क्रोनिक फिवर जैसे कई बीमारियों से लोगों को बचाता है। गिलोय का सेवन कई तरीकों से किया जा सकता है सबसे आसान तरीका ये है कि गिलोय की डंठल को पानी के साथ उबाल ले और उसका सेवन करें । इसके अलावा आप गिलोय का चूर्ण या आजकल तो गिलोय की मीठाईयां भी बाजार में मिलने लगी है आप उसका भी सेवन कर सकते है ।

तो करोना संक्रमण से बचने के लिए गिलोय का सेवन लाभकारी है। इसके सेवन से ना केवल कोविड से बचा जा सकता है बल्कि शरीर में होने वाले अलग-अलग बीमारियों से भी बचा जा सकता है। कहा जाता है कि जीवित कोशिका के संपर्क में आते ही गिलोय अपनी वृद्धि करने लगता है। जिसकी वजह से शरीर में जैसे ही किसी प्रकार के वायरस का आगमन होता है वैसे ही ये उसे पहचान लेता है और वायरस से लड़ने में सहायक होता हैं ।