क्यों होते हैं तूफानों के अजीबो-गरीब नाम, क्या है तूफानों के नाम के पीछे का रहस्य - The Task News

तूफ़ानों के एक से एक नाम भी लोगों की दिलचस्पी का विषय रहे हैं। .कैसे तय होता है किसी तूफ़ान का नाम और कौन रखता है ये नाम? तो आइये, इसे समझते हैं।

अभी ताउ-ते तूफान की तबाही से देश उबरा भी नहीं था कि एक और चक्रवाती तूफान दस्तक दे रहा है. ताउ-ते ने पश्चिम से आकर तबाही मचाई थी, लेकिन अब तबाही पूर्व दिशा से आ रही है और इस तबाही का नाम है यास. इस तूफान को यास नाम ओमान ने दिया है. जिसका मतलब होता है निराशा. इससे पहले आए ताउ-ते तूफान को नाम म्यांमार से मिला था. ये नाम म्यांमार में पाई जाने वाली छिपकली की एक प्रजाति का है।

आप सोच रहे होंगे कि आख़िर तूफ़ान का नाम क्यों रखा जाता है और किस आधार पर रखा जाता है। इसलिये तूफान के नामकरण को लेकर अब हम आपको कुछ दिलचस्प बातें बताएंगे। यास और ”ताउ-ते” तूफ़ान से पहले भी टीना, कटरीना, रीटा, नरगिस और लैला जैसे नाम तूफ़ानों के रखे गये हैं।

19वीं शताब्दी के आख़िरी वर्षों में ऑस्ट्रेलिया में एक व्यक्ति, Clement Wragge (रैग) ने समुद्री तूफ़ानों को नाम देना शुरू किया था। बाद में इस व्यक्ति ने उन नेताओं के नाम पर तूफ़ानों का नामकरण शुरू कर दिया जो उसे पसंद नहीं थे। हालांकि अब तूफ़ान को नाम देने के लिये बहुत ही औपचारिक प्रक्रिया का पालन होता है। अब World Meteoro-Logical Organisation के तहत आने वाली 5 क्षेत्रीय संस्थाएं अपने-अपने इलाक़ों में आने वाले तूफ़ान का नाम तय करती हैं। ये नाम पहले से ही तय होते हैं ताकि इसे लेकर लोगों को वक़्त पर जानकारी मिल जाये और वो बचाव की तैयारी कर सकें। भारत जिस क्षेत्र में आता है वहां तूफान का नाम 13 देश मिलकर रखते हैं। संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग एशिया और प्रशांत पैनल ऑन ट्रॉपिकल साइक्लोन में 13 देशों के सदस्य हैं.

इनमें भारत, बांग्लादेश, म्यांमार, पाकिस्तान, मालदीव, ओमान, श्रीलंका, थाईलैंड, ईरान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और यमन जो चक्रवात का नाम तय करते हैं. आठ सदस्यों वाले पैनल ने 2004 में 64 नामों की एक लिस्ट फाइनल की थी. पिछले साल भारत में कहर बरपाने वाले चक्रवात के लिए अम्फान नाम उस सूची में अंतिम नाम था. WMO या ESCAP समिति ने 2018 में पांच और देशों को शामिल करने के लिए सदस्यों की सूची का विस्तार किया. पिछले साल, एक नई सूची जारी की गई थी जिसमें चक्रवातों के 169 नाम हैं. ये नाम 13 देशों के 13 सुझावों का संकलन हैं।