कैंसर मरीजों के लिए संजीवनी है योग, अमेरिका में कैंसर मरीजो पर हुए शोध में हुआ खुलासा - The Task News

योग, एक ऐसा वरदान जिसे भारत ने पूरी दुनिया को सैकड़ों वर्ष पहले दिया था. इस योग के फायदे पूरी दुनिया समझ रही है. विश्व की प्रतिष्ठित रिसर्च मैगजीन Nature में 23 नवंबर को स्टडी छपी, जिसमें बताया गया है कि Prostate कैंसर के पीड़ित जिन मरीजो ने अपने Operation से पहले हर हफ्ते 2 दिन तक 60 मिनट से 75 मिनट तक योग किया, उनका ना सिर्फ जीवन जीने का तरीका बेहतर हुआ बल्कि ऐसे मरीजों को कैंसर की वजह से मानसिक तनाव की भी शिकायत ना के बराबर रही.

1 योग करने वाले मरीजों की इम्युनिटी बढ़ी
2 इलाज और दवा का असर बेहतर हुआ
3 योग ना करने वाले मरीजों को ड्रिपेशन की शिकायत रही
4 योग ना करने वाले मरीजों की इम्युनिटी कम रही
5 मरीजों पर अन्य बीमारियों का भी खतरा बना रहा

इस स्टडी में कैंसर के कुल 29 मरीज शामिल थे जिन्हें Prostate Cancer था और इसमें से 14 मरीजों से Operation से पहले योग करवाया गया था और 15 मरीजो से नहीं. ये स्टडी अमेरिका के San Antonia शहर में स्थित Texas यूनिवर्सिटी के हेल्थ सेंटर के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ धरम कौशिक और उनकी टीम ने की थी.

ये स्टडी इसलिए भी खास है क्योंकि इस Study में शोधकर्ताओं ने बताया था कि Prostate cancer के मरीजों में मानसिक तनाव की शिकायत आम रहती है. ऐसे मरीजों में heart attack का खतरा अन्य मरीजों से 4 गुना ज्यादा और खुदकुशी करने का खतरा अन्य कैंसर मरीजों से दोगुना ज्यादा होता है. ऐसे में अमेरिकी कैंसर प्रभावित मरीजों पर की गई स्टडी से निष्कर्ष निकाला है कि योग किसी संजीवनी से बिल्कुल भी कम नहीं.

डॉक्टर हमेशा से कैंसर के मरीजों को योग करने की सलाह देते आये हैं. अब अमेरिका में वैज्ञानिक प्रमाण मिलने पर डॉक्टर और भी बेहतर तरीके से कैंसर के मरीजों को योग के फायदे समझा पाएंगे. रोज़ाना एक नई मेडिसिन बन रही है और एक दवा का modification हो रहा है. ऐसे में भी भारत का पारंपरिक योग दुनिया को देश के प्रचीन विज्ञान का लोहा मनवा रहा है.